Tatkal Ticket Booking Drops After Aadhaar OTP Rule

Tatkal Ticket Booking Drops After Aadhaar OTP Rule | IRCTC Update Dec 2025

Aadhaar Authentication अनिवार्य होने का सीधा असर यात्रियों पर

18 दिसंबर 2025 और 23 दिसंबर 2025 भारतीय रेल इतिहास की उन तारीखों में शामिल हो गईं, जब Tatkal और Premium Tatkal टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बड़ा बदलाव लागू हुआ। इन तारीखों से Aadhaar Authentication को अनिवार्य कर दिया गया। उद्देश्य साफ था, फर्जी बुकिंग रोकना, दलालों पर लगाम लगाना और सिस्टम को पारदर्शी बनाना।

18 और 23 दिसंबर 2025 के बाद Tatkal और Premium Tatkal टिकट बुकिंग में भारी गिरावट

लेकिन ज़मीन पर इसका असर उम्मीद से बिल्कुल अलग देखने को मिला। जहां पहले Tatkal टिकटों की 82 से 87 प्रतिशत तक बुकिंग ऑनलाइन होती थी, वहीं Aadhaar OTP सत्यापन अनिवार्य होने के बाद 20 से 28 प्रतिशत तक की सीधी गिरावट दर्ज की गई।

यह लेख उसी गिरावट के कारणों, असर और भविष्य की दिशा को विस्तार से समझाता है।

Train OTP Checker Tool: ऑनलाइन Tatkal टिकट बुकिंग से पहले जानना क्यों जरूरी है


Tatkal Ticket Booking का पुराना पैटर्न

Aadhaar सत्यापन लागू होने से पहले Tatkal टिकट बुकिंग की तस्वीर बिल्कुल अलग थी।

  • ऑनलाइन बुकिंग का दबदबा
    Tatkal और Premium Tatkal टिकटों की 82–87 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन होती थी।
  • तेज़ प्रक्रिया
    लॉगिन, यात्री विवरण, भुगतान और टिकट कन्फर्म।
  • मोबाइल फ्रेंडली सिस्टम
    स्मार्टफोन यूजर्स के लिए IRCTC ऐप सबसे बड़ा सहारा था।

इस पूरे सिस्टम की रीढ़ था IRCTC जो यात्रियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ता था।


Aadhaar Authentication लागू होने का फैसला क्यों लिया गया

Indian Railways ने Aadhaar आधारित सत्यापन को लागू करते समय तीन बड़े लक्ष्य तय किए थे:

  1. दलालों पर रोक
  2. एक व्यक्ति, एक पहचान
  3. Tatkal टिकट का सही लाभ आम यात्रियों तक पहुंचाना

इसके तहत Tatkal और Premium Tatkal टिकट बुकिंग के समय Aadhaar नंबर से लिंक मोबाइल पर OTP आना और उसी OTP से टिकट कन्फर्म करना अनिवार्य कर दिया गया।


18 और 23 दिसंबर 2025 के बाद क्या बदला

Aadhaar Authentication लागू होते ही सिस्टम का व्यवहार बदल गया।

  • OTP के बिना टिकट बुकिंग असंभव हो गई
  • एक छोटी सी तकनीकी दिक्कत पूरी बुकिंग फेल कर रही थी
  • Tatkal की तेज़ रफ्तार प्रक्रिया धीमी हो गई

परिणाम साफ था, ऑनलाइन Tatkal बुकिंग में 20 से 28 प्रतिशत तक की गिरावट


Tatkal Booking में गिरावट के प्रमुख कारण

1. Aadhaar से मोबाइल नंबर लिंक न होना

भारत में आज भी बड़ी आबादी का Aadhaar मोबाइल नंबर से लिंक नहीं है।

  • OTP जाता ही नहीं
  • बुकिंग बीच में अटक जाती है
  • Tatkal की सीमित समय-सीमा में टिकट हाथ से निकल जाता है

2. मोबाइल पर रिचार्ज न होना

यह कारण सुनने में छोटा लगता है, लेकिन इसका असर बड़ा है।

  • OTP SMS पाने के लिए एक्टिव बैलेंस जरूरी
  • कई यूजर्स के फोन पर आउटगोइंग या SMS सेवा बंद
  • OTP आया ही नहीं और सीट खत्म

3. OTP समय पर न पहुंचना

Tatkal बुकिंग के समय सर्वर लोड बहुत ज्यादा होता है।

  • OTP आने में 30 से 90 सेकंड की देरी
  • इतने समय में Tatkal कोटा खत्म
  • यूजर असफल बुकिंग के साथ बाहर

4. तकनीकी जानकारी की कमी

भारत में आज भी लाखों लोग ऐसे हैं जो:

  • स्मार्टफोन ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाते
  • OTP पढ़ना या सही से इंटर करना नहीं जानते
  • घबराहट में गलत OTP डाल देते हैं

यह वर्ग Tatkal सिस्टम से लगभग बाहर हो गया।


5. बुजुर्ग और ग्रामीण यात्रियों की परेशानी

बुजुर्ग यात्री, छोटे कस्बों और गांवों से आने वाले लोग:

  • डिजिटल प्रक्रिया से सहज नहीं
  • पहले एजेंट या काउंटर पर निर्भर
  • अब OTP आधारित सिस्टम में फंस गए

Premium Tatkal पर भी पड़ा असर

Premium Tatkal टिकट पहले ही महंगे होते हैं। Aadhaar Authentication के बाद:

  • बुकिंग प्रक्रिया और जटिल
  • OTP फेल होने पर भारी किराया देने के बाद भी टिकट नहीं
  • Premium Tatkal में भी 20–28 प्रतिशत तक गिरावट

IRCTC सर्वर और सिस्टम पर दबाव

OTP आधारित सत्यापन से IRCTC सिस्टम पर अतिरिक्त लोड बढ़ा।

  • SMS Gateway पर दबाव
  • Peak time पर OTP delivery फेल
  • बार-बार session timeout

इसका सीधा असर बुकिंग सफलता दर पर पड़ा।


क्या दलालों पर असर पड़ा

हां, एक हद तक।

  • Bulk booking पर रोक लगी
  • Fake ID से टिकट निकालना मुश्किल हुआ

लेकिन इसका साइड इफेक्ट यह रहा कि ईमानदार यात्रियों की बुकिंग भी कम हो गई


आंकड़ों में गिरावट की तस्वीर

Aadhaar Authentication से पहले:

  • Online Tatkal Booking: 82–87%

Aadhaar Authentication के बाद:

  • Online Tatkal Booking में गिरावट: 20–28%
  • कई ट्रेनों में Tatkal सीटें खाली भी रह गईं

यात्रियों की प्रतिक्रिया

यात्रियों की शिकायतें साफ तौर पर सामने आईं:

  • “OTP ही नहीं आया”
  • “नेटवर्क स्लो था”
  • “Tatkal खुलते ही सीट खत्म”
  • “पहले आसान था”

सोशल मीडिया और रेलवे हेल्पलाइन पर शिकायतों की संख्या बढ़ी।


क्या समाधान हो सकता है

1. OTP के साथ वैकल्पिक सत्यापन

Face verification या offline Aadhaar विकल्प पर विचार किया जा सकता है।

2. OTP Validity बढ़ाना

Tatkal के लिए OTP की समय-सीमा थोड़ी बढ़ाई जा सकती है।

3. Assisted Booking Mode

बुजुर्ग और तकनीकी रूप से कमजोर यात्रियों के लिए Assisted Mode।

4. SMS के साथ Call OTP

नेटवर्क कमजोर इलाकों के लिए Voice Call OTP।


भविष्य में क्या बदलेगा

Indian Railways का उद्देश्य गलत नहीं है, लेकिन सिस्टम को ज़मीनी हकीकत के हिसाब से ढालना जरूरी है।
अगर तकनीकी समस्याओं का समाधान किया गया, तो:

  • गिरावट अस्थायी साबित हो सकती है
  • डिजिटल बुकिंग फिर से मजबूत हो सकती है

निष्कर्ष

18 और 23 दिसंबर 2025 के बाद Tatkal और Premium Tatkal टिकट बुकिंग में आई 20–28 प्रतिशत की गिरावट यह साबित करती है कि सिर्फ नियम बनाना काफी नहीं, उन्हें लागू करने का तरीका भी उतना ही अहम है।

Aadhaar Authentication ने दलालों पर तो असर डाला, लेकिन:

  • मोबाइल लिंक न होना
  • रिचार्ज न होना
  • OTP न आना
  • तकनीकी समझ की कमी

जैसे कारणों ने आम यात्रियों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया।

अगर Indian Railways और IRCTC इन व्यावहारिक समस्याओं का हल निकालते हैं, तो Tatkal सिस्टम फिर से यात्रियों का भरोसा जीत सकता है।

यह बदलाव जरूरी था, लेकिन इसे यात्री-हितैषी बनाना अब सबसे बड़ी जरूरत है

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