Tatkal Ticket OTP Verification Rule 2025: 100 Trains Covered | Indian Railways
भारतीय रेल में तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर एक बड़ा और अहम बदलाव लागू किया गया है। राजधानी, दुरंतो और शताब्दी ट्रेनों के बाद अब देश की 100 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में तत्काल टिकट बुक कराने के लिए OTP सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था का मकसद साफ है, तत्काल टिकटों में पारदर्शिता बढ़ाना और दलालों की मनमानी पर रोक लगाना।
धनबाद रेल मंडल से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों में यह नियम लागू हो चुका है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इससे आम यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा और वास्तविक जरूरतमंद लोगों को ही तत्काल टिकट मिल पाएगा।
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What is the New Tatkal OTP Verification Rule
नई व्यवस्था के तहत जब कोई यात्री तत्काल कोटे से टिकट बुक करेगा, तो उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। इस OTP को निर्धारित समय के भीतर दर्ज करना अनिवार्य होगा। OTP सत्यापन के बिना टिकट कन्फर्म नहीं होगा।
यह नियम ऑनलाइन बुकिंग के साथ-साथ काउंटर से होने वाली तत्काल बुकिंग पर भी लागू किया जा रहा है। यानी अब एजेंट या दलाल किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर फर्जी तरीके से टिकट नहीं निकाल पाएंगे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह सिस्टम पूरी तरह ऑटोमेटेड है और इसमें मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश बेहद कम रखी गई है।
Trains Covered Under New OTP Rule
पहले चरण में यह नियम केवल प्रीमियम ट्रेनों तक सीमित था, लेकिन अब इसे 100 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू किया जा रहा है। धनबाद रेलवे स्टेशन से खुलने या गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों में शामिल हैं:
- गंगा–दामोदर एक्सप्रेस
- मुंबई मेल
- वनांचल एक्सप्रेस
- रांची–बनारस एक्सप्रेस
- हटिया–इस्लामपुर एक्सप्रेस
- हटिया–पूर्णिया कोर्ट कोशी एक्सप्रेस
इनके अलावा देश के अन्य प्रमुख रूट्स पर चलने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी इस सूची में शामिल हैं। यह फैसला Indian Railways द्वारा पूरे देश में एक समान व्यवस्था लागू करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
Why Indian Railways Introduced OTP Verification

तत्काल टिकट बुकिंग हमेशा से विवादों में रही है। आम यात्रियों की शिकायत रहती थी कि टिकट खुलते ही कुछ सेकंड में सारे टिकट खत्म हो जाते हैं, जबकि दलाल मोटी रकम लेकर टिकट उपलब्ध करा देते हैं।
OTP वेरिफिकेशन लागू करने के पीछे रेलवे के मुख्य उद्देश्य हैं:
- दलालों और फर्जी एजेंटों पर रोक
- वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता
- बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता
- एक व्यक्ति द्वारा कई टिकट बुक करने पर नियंत्रण
रेलवे के अनुसार, प्रीमियम ट्रेनों में इस सिस्टम के अच्छे नतीजे सामने आए हैं। अब वही मॉडल सामान्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू किया जा रहा है।
How OTP Verification Works for Tatkal Booking
तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान OTP सत्यापन की प्रक्रिया कुछ इस तरह होगी:
- यात्री IRCTC वेबसाइट या ऐप पर लॉगिन करेगा
- यात्रा विवरण भरकर तत्काल कोटा चुनेगा
- बुकिंग के दौरान रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा
- निर्धारित समय में OTP दर्ज करना होगा
- OTP सही होने पर ही टिकट कन्फर्म होगा
यदि OTP समय पर दर्ज नहीं किया गया, तो बुकिंग अपने आप कैंसिल हो जाएगी और सीट किसी दूसरे यात्री को मिल सकती है।
Impact on Dhanbad Railway Division
धनबाद रेल मंडल झारखंड और पूर्वी भारत का एक महत्वपूर्ण रेलवे केंद्र है। यहां से रोजाना हजारों यात्री मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, वाराणसी और अन्य बड़े शहरों की यात्रा करते हैं।
OTP नियम लागू होने से धनबाद स्टेशन पर तत्काल टिकट को लेकर होने वाली शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है। स्टेशन के आसपास सक्रिय दलालों की गतिविधियों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती दिनों में यात्रियों को थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे लोग इस सिस्टम के अभ्यस्त हो जाएंगे।
Benefits for Common Passengers
नई OTP व्यवस्था से आम यात्रियों को कई फायदे होंगे:
- टिकट बुकिंग में निष्पक्षता
- एजेंट पर निर्भरता कम होगी
- अंतिम समय में यात्रा करने वालों को बेहतर अवसर
- टिकट कालाबाजारी पर रोक
खासकर नौकरीपेशा लोग, छात्र और आपात स्थिति में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह नियम राहत लेकर आया है।
Challenges and Possible Issues
हालांकि यह नियम सकारात्मक है, लेकिन कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं:
- नेटवर्क की समस्या के कारण OTP देर से आना
- गलत मोबाइल नंबर रजिस्टर होना
- वरिष्ठ नागरिकों को तकनीकी दिक्कत
- ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या
रेलवे ने इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए हेल्पडेस्क और कस्टमर सपोर्ट को अलर्ट पर रखा है।
Tatkal Booking Through Counter with OTP
जो यात्री रेलवे आरक्षण काउंटर से तत्काल टिकट लेते हैं, उनके लिए भी OTP अनिवार्य होगा। काउंटर पर टिकट बुक करते समय यात्री को अपना मोबाइल नंबर देना होगा, जिस पर OTP आएगा।
OTP बताए बिना काउंटर कर्मचारी भी टिकट जारी नहीं कर पाएंगे। इससे एजेंटों द्वारा काउंटर से बड़े पैमाने पर टिकट बुक करने पर रोक लगेगी।
Expert Opinion on the New Rule
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला लंबे समय से जरूरी था। डिजिटल वेरिफिकेशन के बिना तत्काल टिकट व्यवस्था को पारदर्शी बनाना मुश्किल था।
आईटी विशेषज्ञों के अनुसार, OTP आधारित सिस्टम सुरक्षित है और इसमें डेटा चोरी की संभावना भी कम होती है।
Future Expansion of OTP Rule
रेलवे संकेत दे चुका है कि अगर 100 ट्रेनों में यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में इसे सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू किया जा सकता है।
इसके अलावा, भविष्य में आधार या अन्य डिजिटल पहचान से जोड़ने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।
External Resources for Passengers
यात्री अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों को देख सकते हैं:
- IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट: https://www.irctc.co.in
- भारतीय रेलवे सूचना पोर्टल: https://indianrailways.gov.in
- रेलवे शिकायत और सहायता: https://railmadad.indianrailways.gov.in
इन प्लेटफॉर्म्स पर नियमों से जुड़ी ताजा जानकारी और सहायता उपलब्ध रहती है।
Conclusion
तत्काल टिकट बुकिंग के लिए OTP सत्यापन नियम भारतीय रेलवे की एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल है। इससे न सिर्फ टिकट प्रणाली में पारदर्शिता आएगी, बल्कि आम यात्रियों का भरोसा भी मजबूत होगा।
धनबाद समेत पूरे देश में इस नियम का असर धीरे-धीरे दिखाई देगा। अगर यात्री थोड़ी सतर्कता और सही जानकारी के साथ बुकिंग करें, तो यह सिस्टम उनके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।
यह बदलाव बताता है कि Indian Railways अब टेक्नोलॉजी के जरिए यात्रियों के हितों को प्राथमिकता देने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।



